ROI कैलकुलेटर: निवेश पर रिटर्न और सालाना CAGR

जानिए आपका निवेश असल में कितना फ़ायदेमंद रहा। लगाई गई रकम और वापस मिली रकम डालें – आपको ROI प्रतिशत, मुनाफ़ा या घाटा और पैसे का गुणक मिलेगा। अवधि भी डालें तो सालाना रिटर्न (CAGR) भी दिखेगा, जिससे अलग-अलग अवधि के निवेशों की तुलना हो सके।

ब्रोकरेज, स्टांप ड्यूटी जैसे ख़रीद के ख़र्च भी जोड़ें।
बेचने पर मिली रकम या आज की क़ीमत, ख़र्च घटाकर, साथ में बीच में मिला डिविडेंड, किराया या ब्याज।
वैकल्पिक। सालाना रिटर्न (CAGR) के लिए ज़रूरी।
ROI50%
मुनाफ़ा या घाटा₹50,000.00
सालाना रिटर्न (CAGR)14.47%
लगाई गई रकम₹1,00,000.00
वापस मिली रकम₹1,50,000.00
पैसा कितने गुना हुआ1.5×

ROI = (₹1,50,000.00 − ₹1,00,000.00) ÷ ₹1,00,000.00 × 100 = 50%. सालाना रिटर्न (CAGR) = (वापस ÷ लगाई)1/3 − 1 = 14.47% प्रति वर्ष।

हिसाब आपके डिवाइस पर होता है · फ़ॉर्मूले जाने-माने नतीजों से जाँचे गए · हम कैसे जाँचते हैं

ROI क्या है?

ROI यानी Return on Investment – आपने जितना लगाया, उसके मुक़ाबले कितना कमाया या गँवाया, प्रतिशत में। यह शेयर, म्यूचुअल फ़ंड, सोना, प्रॉपर्टी, दुकान में नया सामान या किसी मार्केटिंग ख़र्च – हर तरह के निवेश की तुलना का सबसे आसान पैमाना है।

ROI = (वापस मिली रकम − लगाई गई रकम) ÷ लगाई गई रकम × 100

₹1 लाख लगाकर ₹1.5 लाख वापस मिले, तो ROI = 50,000 ÷ 1,00,000 × 100 = 50%। इसे “एब्सोल्यूट रिटर्न” भी कहते हैं।

सालाना रिटर्न (CAGR) क्यों ज़रूरी है

सादा ROI समय नहीं देखता। 50% रिटर्न एक साल में मिला हो तो शानदार है, दस साल में मिला हो तो FD से भी कम। इसलिए अवधि डालने पर कैलकुलेटर CAGR (Compound Annual Growth Rate) भी दिखाता है:

CAGR = (वापस ÷ लगाई)1/साल − 1

₹1 लाख से 3 साल में ₹1.5 लाख: CAGR = 1.51/3 − 1 = 14.47% सालाना। म्यूचुअल फ़ंड के फ़ैक्टशीट में लंबी अवधि का रिटर्न भी इसी तरह सालाना दिखाया जाता है।

50% कुल रिटर्न, अलग-अलग अवधि में

सालकुल ROIसालाना (CAGR)
150%50%
250%22.47%
350%14.47%
550%8.45%
1050%4.14%

सही तुलना के लिए ध्यान रखें

किसी रकम को तय दर पर बढ़ता देखने के लिए चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

ध्यान दें: ये नतीजे योजना बनाने के लिए अनुमान हैं, वित्तीय या टैक्स सलाह नहीं। अंतिम आँकड़े बैंक के सैंक्शन लेटर और लोन एग्रीमेंट में होते हैं; बड़े फ़ैसले से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या SEBI में पंजीकृत सलाहकार से बात करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ROI और CAGR में क्या फ़र्क़ है?

ROI पूरी अवधि का कुल रिटर्न है, CAGR उसे हर साल के औसत चक्रवृद्धि रिटर्न में बदलता है। अलग-अलग अवधि के निवेशों की तुलना हमेशा CAGR से करें।

नेगेटिव ROI का क्या मतलब है?

वापस मिली रकम लगाई गई रकम से कम है, यानी घाटा। ₹1 लाख लगाकर ₹80,000 मिले तो ROI −20% है।

अच्छा ROI कितना माना जाता है?

यह जोखिम और अवधि पर निर्भर है। किसी निवेश की तुलना उसी समय में सुरक्षित विकल्प (जैसे FD) और महँगाई से करें। ज़्यादा रिटर्न के साथ आम तौर पर ज़्यादा जोखिम भी आता है।

SIP का रिटर्न इससे कैसे निकालें?

SIP में हर किस्त अलग समय के लिए लगी रहती है, इसलिए सही पैमाना XIRR है। यह कैलकुलेटर कुल रकम पर एब्सोल्यूट रिटर्न दिखा सकता है, पर SIP का CAGR उससे अलग होगा।

यह कैलकुलेटर अपनी वेबसाइट पर लगाएँ

किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग के लिए मुफ़्त। जहाँ कैलकुलेटर दिखाना हो, वहाँ यह कोड पेस्ट करें:

आख़िरी अपडेट: 8 अक्टूबर 2026

मेन्यू

श्रेणियाँ

फ़ाइनेंस कैलकुलेटर17 कैलकुलेटरबिज़नेस और ख़रीदारी के कैलकुलेटर5 कैलकुलेटरसेहत और फ़िटनेस कैलकुलेटर6 कैलकुलेटरगणित और पढ़ाई के कैलकुलेटर6 कैलकुलेटरतारीख़ और समय के कैलकुलेटर5 कैलकुलेटरत्योहारों और छुट्टियों के काउंटडाउन9 कैलकुलेटररोज़मर्रा के कैलकुलेटर और टूल5 कैलकुलेटर

CalcWorthy

हमारे बारे मेंसंपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तें

भाषा

भाषा
हिन्दीHindiEnglishEnglishالعربيةArabicবাংলাBanglaDeutschGermanEspañolSpanishفارسیPersianFrançaisFrenchעבריתHebrewBahasa IndonesiaIndonesianItalianoItalian日本語Japanese한국어KoreanBahasa MelayuMalayNederlandsDutchPolskiPolishPortuguêsPortugueseРусскийRussianไทยThaiTürkçeTurkishУкраїнськаUkrainianاردوUrduTiếng ViệtVietnamese简体中文Simplified Chinese