हैलोवीन कब है?
हैलोवीन की तारीख़ तय है: हर साल 31 अक्टूबर। इसलिए हर साल सिर्फ़ वार बदलता है, तारीख़ नहीं। 2026 में हैलोवीन शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को है। “हेलोवीन कब आता है” का जवाब भी यही है: अक्टूबर महीने का आख़िरी दिन। काउंटडाउन 31 अक्टूबर की शुरुआत तक के दिन गिनता है, उस दिन शून्य दिखाता है और 1 नवंबर से अगले साल की गिनती शुरू कर देता है।
हैलोवीन इंडिया में कब है?
भारत में भी हैलोवीन 31 अक्टूबर को ही मनाया जाता है, लेकिन यह सरकारी छुट्टी नहीं है; स्कूल, कॉलेज, दफ़्तर और बैंक सामान्य रूप से खुले रहते हैं। ज़्यादातर पार्टियाँ 31 अक्टूबर की शाम या उसके सबसे क़रीब वाले शुक्रवार-शनिवार को होती हैं। अगर आप अमेरिका में रहने वाले रिश्तेदारों को उनके हैलोवीन की शाम वीडियो कॉल करना चाहें, तो ध्यान रखें कि न्यूयॉर्क की 31 अक्टूबर की शाम 6 बजे भारत में 1 नवंबर की सुबह लगभग साढ़े तीन बजे होते हैं।
आने वाले वर्षों में हैलोवीन और दिवाली
| वर्ष | 31 अक्टूबर का वार | उस साल की दिवाली (लक्ष्मी पूजा) |
|---|---|---|
| 2026 | शनिवार | रविवार, 8 नवंबर 2026 (हैलोवीन के 8 दिन बाद) |
| 2027 | रविवार | शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 (हैलोवीन के 2 दिन पहले) |
| 2028 | मंगलवार | मंगलवार, 17 अक्टूबर 2028 (हैलोवीन के 14 दिन पहले) |
| 2029 | बुधवार | सोमवार, 5 नवंबर 2029 (हैलोवीन के 5 दिन बाद) |
| 2030 | गुरुवार | शनिवार, 26 अक्टूबर 2030 (हैलोवीन के 5 दिन पहले) |
| 2031 | शुक्रवार | शुक्रवार, 14 नवंबर 2031 (हैलोवीन के 14 दिन बाद) |
| 2032 | रविवार | मंगलवार, 2 नवंबर 2032 (हैलोवीन के 2 दिन बाद) |
| 2033 | सोमवार | शनिवार, 22 अक्टूबर 2033 (हैलोवीन के 9 दिन पहले) |
भारत में हैलोवीन अक्सर त्योहारों के मौसम के बीच आता है। 2026 में दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 को है, यानी हैलोवीन के 8 दिन बाद। इसलिए बहुत-से परिवारों के लिए अक्टूबर के आख़िरी दिन दिवाली की सफ़ाई, ख़रीदारी और सजावट में जाते हैं, और हैलोवीन बस बच्चों की एक छोटी-सी पार्टी तक सीमित रहता है। दिवाली की पूरी गिनती दिवाली काउंटडाउन पर देखें।
हैलोवीन क्या होता है?
हैलोवीन मूल रूप से पश्चिमी देशों का लोक-त्योहार है, जो सबसे ज़्यादा अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और आयरलैंड में मनाया जाता है। इतिहासकार इसकी जड़ें आयरलैंड और ब्रिटेन के प्राचीन केल्टिक त्योहार “सॉविन” (Samhain) में मानते हैं, जो 1 नवंबर के आसपास फ़सल के अंत और सर्दी की शुरुआत पर मनाया जाता था। माना जाता था कि इस समय जीवितों और मृतकों की दुनिया के बीच की दूरी कम हो जाती है, इसलिए लोग अलाव जलाते और कभी-कभी भेस बदलते थे। नाम ईसाई परंपरा से आया है: 1 नवंबर “ऑल हैलोज़” यानी सभी संतों का दिन है, और उससे पहले की शाम “ऑल हैलोज़ ईव” कहलाती थी, जो छोटा होकर Halloween बन गया।
उन्नीसवीं सदी में आयरिश और स्कॉटिश प्रवासी ये रिवाज़ उत्तरी अमेरिका ले गए। वहाँ शलजम की जगह कद्दू को खोखला करके उसमें दीया या मोमबत्ती रखी जाने लगी, जिसे “जैक-ओ-लैंटर्न” कहते हैं। बच्चों का डरावने या मज़ेदार कपड़े पहनकर घर-घर जाना और “ट्रिक ऑर ट्रीट” (मिठाई दो, नहीं तो शरारत करेंगे) कहकर टॉफ़ियाँ माँगना बीसवीं सदी में अमेरिका में आम हुआ।
भारत में हैलोवीन कैसे मनाया जाता है
भारत में हैलोवीन ज़्यादातर बड़े शहरों का शौक़ है: मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे शहरों के क्लब, कैफ़े और मॉल अक्टूबर के आख़िर में कॉस्ट्यूम पार्टियाँ और थीम वाले कार्यक्रम रखते हैं। कई इंटरनेशनल और प्ले स्कूल बच्चों के लिए “फ़ैंसी ड्रेस” वाला हैलोवीन दिन मनाते हैं, और कुछ हाउसिंग सोसाइटियों में बच्चे पहले से तय घरों में जाकर टॉफ़ियाँ इकट्ठी करते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि भारत की अपनी परंपराओं में भी पूर्वजों और आत्माओं को याद करने के दिन हैं। पितृ पक्ष में लोग पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं, और बंगाल में काली पूजा से पहले की रात भूत चतुर्दशी मनाई जाती है, जब घरों में चौदह दीये जलाए जाते हैं और चौदह तरह के साग खाने की परंपरा है। ये त्योहार हैलोवीन से बिल्कुल अलग हैं, पर इनसे समझ आता है कि मौसम बदलने के समय पूर्वजों को याद करने का विचार कई संस्कृतियों में मिलता है।
काउंटडाउन के साथ तैयारी
- कॉस्ट्यूम: ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हैं तो कम-से-कम दो हफ़्ते पहले करें; त्योहारों के मौसम में डिलीवरी धीमी हो जाती है। बच्चों के लिए ऐसे कपड़े चुनें जो जल्दी आग न पकड़ें, क्योंकि आसपास दिवाली के दीये और पटाखे भी होते हैं।
- चेहरे का पेंट: एक दिन पहले कलाई पर थोड़ा लगाकर देख लें कि त्वचा पर कोई एलर्जी तो नहीं होती।
- सजावट: कद्दू की जगह मिट्टी के दीयों या एलईडी लाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो दिवाली में भी काम आएँगी।
- दूसरी तारीख़ें: हैलोवीन के बाद क्रिसमस और नए साल का काउंटडाउन देखें; किसी भी दो तारीख़ों के बीच दिन गिनने के लिए तारीख़ों के बीच दिन कैलकुलेटर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हैलोवीन 2026 कब है?
हैलोवीन 2026 शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को है। इसकी तारीख़ हर साल 31 अक्टूबर ही रहती है।
क्या भारत में हैलोवीन की छुट्टी होती है?
नहीं। हैलोवीन भारत में सरकारी या बैंक छुट्टी नहीं है; स्कूल और दफ़्तर सामान्य दिनों की तरह खुले रहते हैं।
हैलोवीन क्यों मनाया जाता है?
यह ईसाई पर्व “ऑल सेंट्स डे” (1 नवंबर) से पहले की शाम है, जिसकी जड़ें प्राचीन केल्टिक त्योहार सॉविन में मानी जाती हैं। आज यह ज़्यादातर कॉस्ट्यूम, पार्टियों और बच्चों के “ट्रिक ऑर ट्रीट” का मज़ेदार त्योहार है।
हैलोवीन का हिन्दी में क्या मतलब है?
Halloween शब्द “All Hallows’ Eve” का छोटा रूप है, यानी “सभी संतों के दिन से पहले की शाम”।
हैलोवीन और दिवाली में कितने दिन का अंतर है?
हर साल अलग होता है, क्योंकि दिवाली चंद्र-सौर पंचांग से तय होती है और कुछ वर्षों में हैलोवीन से पहले भी पड़ती है। 2026 में दिवाली हैलोवीन के 8 दिन बाद है; बाकी वर्षों के लिए ऊपर की तालिका देखें।
आख़िरी अपडेट: 16 अक्टूबर 2026