GST कैसे जोड़ें और कैसे हटाएँ
GST जोड़ना (exclusive से inclusive): GST = क़ीमत × दर ÷ 100, और कुल रकम = क़ीमत + GST। ₹1,000 पर 18% GST = ₹180, कुल ₹1,180।
GST हटाना (inclusive से exclusive): मूल क़ीमत = कुल रकम ÷ (1 + दर ÷ 100)। ₹1,180 में 18% GST शामिल है, तो मूल क़ीमत = 1,180 ÷ 1.18 = ₹1,000 और GST = ₹180।
आम ग़लती: कुल रकम का 18% घटा देना। ₹1,180 का 18% ₹212.40 होता है, जो ग़लत है – GST मूल क़ीमत पर लगता है, कुल रकम पर नहीं। सही तरीक़ा कुल रकम में से दर ÷ (100 + दर) वाला हिस्सा है: 18% GST पर यह 18/118 यानी लगभग 15.25% बनता है।
GST की मौजूदा दरें
22 सितंबर 2025 से लागू GST सुधार (जिसे “GST 2.0” भी कहा गया) के बाद 12% और 28% वाले स्लैब ख़त्म हो गए। ज़्यादातर चीज़ें अब दो मुख्य दरों में हैं – 5% और 18% – और कुछ विलासिता व सिन वस्तुओं पर 40%। नीचे मोटे उदाहरण हैं; किसी ख़ास सामान की दर उसके HSN कोड से तय होती है।
| दर | मुख्य रूप से किन पर | ₹1,000 + GST |
|---|---|---|
| 0% | छूट वाली चीज़ें: ताज़ा दूध, फल-सब्ज़ी, अनाज (बिना ब्रांड), कई ज़रूरी सेवाएँ | ₹1,000 |
| 3% | सोना, चाँदी और गहने | ₹1,030 |
| 5% | रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ें: पैकेट वाला खाना, घी-तेल, कई दवाइयाँ, ₹2,500 तक के जूते-कपड़े | ₹1,050 |
| 18% | मानक दर: ज़्यादातर सामान और सेवाएँ, जैसे मोबाइल, AC, सीमेंट, छोटी कारें, टेलीकॉम, बैंकिंग | ₹1,180 |
| 40% | विलासिता और “सिन” वस्तुएँ: बड़ी लग्ज़री कारें, एरेटेड ड्रिंक्स, तंबाकू उत्पाद | ₹1,400 |
कुछ चीज़ों पर ख़ास दरें भी हैं, जैसे कुछ कच्चे हीरे-रत्नों पर 0.25%। तंबाकू उत्पादों पर GST के ऊपर अलग से सेस और एक्साइज़ ड्यूटी भी लगती है। दरें GST परिषद की सिफ़ारिश पर बदलती रहती हैं, इसलिए बिल बनाने से पहले CBIC या GST पोर्टल पर ताज़ा दर ज़रूर देखें।
CGST, SGST और IGST
- राज्य के भीतर बिक्री (विक्रेता और ख़रीदार एक ही राज्य में): GST आधा-आधा बँटता है – CGST केंद्र को, SGST राज्य को। 18% GST = 9% CGST + 9% SGST। केंद्र शासित प्रदेशों में SGST की जगह UTGST।
- दूसरे राज्य में बिक्री: पूरी दर IGST के रूप में लगती है – 18% IGST।
कैलकुलेटर नतीजे के नीचे यह बँटवारा भी दिखाता है। कुल टैक्स दोनों हालात में बराबर रहता है।
व्यापारियों के लिए
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC): ख़रीद पर दिया गया GST, बिक्री पर लिए गए GST में से घटाया जा सकता है, बशर्ते सप्लायर ने अपना रिटर्न सही भरा हो। इसलिए मुनाफ़ा हमेशा GST के बिना वाले आँकड़ों पर देखें – प्रॉफ़िट मार्जिन कैलकुलेटर।
- रजिस्ट्रेशन: तय टर्नओवर सीमा से ऊपर (सामान के लिए आम तौर पर ₹40 लाख, सेवाओं के लिए ₹20 लाख; कुछ राज्यों में कम) GST रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है।
- कंपोज़िशन स्कीम: छोटे कारोबारी कम दर पर टर्नओवर के हिसाब से टैक्स भर सकते हैं, पर ग्राहक से GST नहीं ले सकते और ITC नहीं मिलता।
ये बातें सामान्य जानकारी हैं। अपने कारोबार की सही दर और नियमों के लिए किसी CA या GST प्रैक्टिशनर से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
18% GST कैसे निकालें?
GST जोड़ना हो तो क़ीमत × 0.18। हटाना हो तो कुल रकम ÷ 1.18 से मूल क़ीमत निकालें और कुल रकम में से घटाएँ। ₹2,360 में से 18% GST हटाने पर मूल क़ीमत ₹2,000 और GST ₹360।
क्या अब भी 12% और 28% GST है?
नहीं। 22 सितंबर 2025 से 12% और 28% स्लैब हटा दिए गए। उनमें शामिल ज़्यादातर चीज़ें 5% या 18% में चली गईं और कुछ विलासिता व सिन वस्तुएँ 40% में।
MRP में GST शामिल होता है?
हाँ, MRP में सारे टैक्स शामिल होते हैं। MRP वाले सामान में से GST अलग करना हो तो “कुल रकम से GST हटाएँ” चुनें।
रेस्टोरेंट के बिल पर GST कितना लगता है?
ज़्यादातर रेस्टोरेंट सेवाओं पर 5% GST (बिना ITC) लगता है, जबकि महँगे होटलों के भीतर वाले रेस्टोरेंट पर दर अलग हो सकती है। बिल पर GSTIN और लगाई गई दर देखें।
आख़िरी अपडेट: 8 अक्टूबर 2026