मार्कअप से दाम कैसे तय होता है
बिक्री मूल्य = लागत × (1 + मार्कअप ÷ 100)
₹400 की लागत पर 50% मार्कअप: 400 × 1.5 = ₹600। मुनाफ़ा ₹200, और मार्जिन = 200 ÷ 600 = 33.33%। यही “कॉस्ट-प्लस” तरीक़ा थोक और खुदरा व्यापार में सबसे ज़्यादा चलता है: लागत जानिए, तय प्रतिशत जोड़िए, दाम तैयार।
मार्कअप बनाम मार्जिन
मार्कअप लागत के मुक़ाबले मुनाफ़ा है, मार्जिन बिक्री मूल्य के मुक़ाबले। इसलिए एक ही सौदे में मार्कअप हमेशा मार्जिन से बड़ा दिखता है। अगर आपका सप्लायर या साझेदार “30% मुनाफ़ा” कहे, तो पूछ लें कि लागत पर या बिक्री पर – फ़र्क़ बड़ा है।
| मार्कअप | मार्जिन | लागत का गुणक |
|---|---|---|
| 10% | 9.09% | 1.1 |
| 15% | 13.04% | 1.15 |
| 20% | 16.67% | 1.2 |
| 25% | 20% | 1.25 |
| 33.33% | 25% | 1.33 |
| 50% | 33.33% | 1.5 |
| 100% | 50% | 2 |
मार्जिन से मार्कअप में बदलने का फ़ॉर्मूला: मार्कअप = मार्जिन ÷ (1 − मार्जिन); उल्टा: मार्जिन = मार्कअप ÷ (1 + मार्कअप)।
MRP, GST और मार्कअप
भारत में पैकेट वाले सामान पर MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) छपा होता है, जिसमें सारे टैक्स शामिल होते हैं। खुदरा विक्रेता MRP से ज़्यादा नहीं ले सकता। इसलिए दुकानदार का असली मार्कअप इस पर टिका है कि वितरक से सामान MRP से कितना कम में मिला। अगर आप GST में रजिस्टर्ड हैं, तो लागत और बिक्री दोनों GST के बिना वाले आँकड़ों में लें, ताकि मार्कअप सही निकले।
सही मार्कअप चुनने के लिए
- फ़िक्स्ड ख़र्च निकालें: मार्कअप से इतना मुनाफ़ा आना चाहिए कि किराया, सैलरी और बिजली का ख़र्च निकले और फिर भी कुछ बचे। ब्रेक-ईवन कैलकुलेटर यह हिसाब लगाता है।
- बाज़ार देखें: आसपास और ऑनलाइन वही चीज़ किस दाम पर बिक रही है।
- डिस्काउंट की गुंजाइश रखें: त्योहारों की सेल में 10–20% छूट देनी हो, तो शुरू का मार्कअप इतना रखें कि छूट के बाद भी घाटा न हो।
- तेज़ और धीमे बिकने वाले सामान पर अलग मार्कअप रखें – जल्दी बिकने वाला कम मार्कअप पर भी अच्छा मुनाफ़ा देता है।
उदाहरण: कपड़े की दुकान
एक दुकानदार थोक बाज़ार से कुर्ते ₹400 में लाता है। 60% मार्कअप पर दाम ₹640 बनता है – मुनाफ़ा ₹240 और मार्जिन 37.5%। अगर दिवाली सेल में वह 15% छूट दे, तो कुर्ता ₹544 में बिकेगा और मुनाफ़ा घटकर ₹144 रह जाएगा, यानी मार्जिन लगभग 26.47%। छूट वाले मौसम के लिए शुरुआती मार्कअप सोच-समझकर रखें, और अंतिम कुर्ते की क़ीमत को ₹649 या ₹599 जैसे आकर्षक दाम में राउंड करना हो तो उसके बाद का मार्जिन फिर से जाँच लें।
किसी तय मार्जिन के लिए सीधे दाम निकालना हो तो प्रॉफ़िट मार्जिन कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मार्कअप कैसे निकालें?
मार्कअप = (बिक्री मूल्य − लागत) ÷ लागत × 100। ₹80 में ख़रीदकर ₹100 में बेचा तो मार्कअप 25% है।
50% मार्कअप पर मार्जिन कितना होता है?
33.33%। ₹100 की लागत पर ₹150 का दाम: मुनाफ़ा ₹50, जो बिक्री मूल्य का एक तिहाई है।
100% मार्कअप का क्या मतलब है?
दाम लागत का दोगुना। ₹250 की चीज़ ₹500 में – मुनाफ़ा ₹250 और मार्जिन 50%।
क्या मार्कअप में GST जोड़ें?
नहीं। GST में रजिस्टर्ड हैं तो लागत और बिक्री मूल्य दोनों GST के बिना लेकर मार्कअप तय करें, फिर बिल में GST अलग से जोड़ें। GST आपकी कमाई नहीं, सरकार का हिस्सा है।
आख़िरी अपडेट: 8 अक्टूबर 2026