FD कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- जमा रकम – जितना पैसा FD में लगाना है।
- ब्याज दर – बैंक की वेबसाइट पर आपकी अवधि के सामने लिखी सालाना दर। वरिष्ठ नागरिकों को आम तौर पर 0.25% से 0.50% ज़्यादा मिलता है।
- अवधि – महीनों में। 1 साल = 12, 5 साल = 60।
- कंपाउंडिंग – ज़्यादातर बैंकों में तिमाही। अगर बैंक “annualised yield” बताता है, तो दर का प्रकार “प्रभावी सालाना यील्ड” चुनकर वह संख्या डालें।
FD की मैच्योरिटी का फ़ॉर्मूला
A = P × (1 + r/n)n × t
P जमा रकम, r सालाना दर, n साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है (तिमाही में 4) और t साल में अवधि। उदाहरण: ₹1 लाख, 7%, 1 साल, तिमाही कंपाउंडिंग: 1,00,000 × (1 + 0.07/4)4 = ₹1,07,185.90। ब्याज ₹7,000 नहीं, बल्कि ₹7,185.90 मिलता है, क्योंकि हर तिमाही का ब्याज अगली तिमाही में ब्याज कमाता है।
₹1 लाख पर 7% (तिमाही कंपाउंडिंग)
| अवधि | ब्याज | मैच्योरिटी रकम |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹3,530.63 | ₹1,03,530.63 |
| 12 महीने | ₹7,185.90 | ₹1,07,185.90 |
| 24 महीने | ₹14,888.18 | ₹1,14,888.18 |
| 36 महीने | ₹23,143.93 | ₹1,23,143.93 |
| 60 महीने | ₹41,477.82 | ₹1,41,477.82 |
7% दर पर कंपाउंडिंग से प्रभावी सालाना यील्ड
| कंपाउंडिंग | साल में बार | प्रभावी यील्ड |
|---|---|---|
| सालाना | 1 | 7.000% |
| तिमाही | 4 | 7.186% |
| मासिक | 12 | 7.229% |
क्यूम्युलेटिव और नॉन-क्यूम्युलेटिव FD
यह कैलकुलेटर क्यूम्युलेटिव FD का हिसाब करता है, जिसमें ब्याज मैच्योरिटी पर मूल रकम के साथ मिलता है। नॉन-क्यूम्युलेटिव FD में ब्याज हर महीने या तिमाही आपके खाते में आता है – उसमें कंपाउंडिंग नहीं होती, इसलिए कुल ब्याज थोड़ा कम होता है। मासिक भुगतान वाली FD पर बैंक तिमाही दर को थोड़ा “डिस्काउंट” करके देते हैं।
कई बैंक 6 महीने से कम की FD पर साधारण ब्याज देते हैं, और कुछ अवधियों में दिन के हिसाब से गिनती करते हैं। इसलिए बैंक का आँकड़ा यहाँ से कुछ रुपये अलग हो सकता है।
टैक्स और सुरक्षा
- टैक्स: FD का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से उस पर टैक्स लगता है। सालाना ब्याज तय सीमा से ऊपर जाने पर बैंक TDS काटता है; जिनकी कुल आय टैक्स योग्य नहीं है, वे फ़ॉर्म 15G/15H देकर TDS से बच सकते हैं।
- टैक्स-सेवर FD: 5 साल के लॉक-इन वाली FD पर पुरानी टैक्स व्यवस्था में ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है।
- बीमा: DICGC हर बैंक में हर जमाकर्ता की ₹5 लाख तक की जमा (मूलधन + ब्याज) का बीमा करता है।
- समय से पहले तोड़ना: बैंक आम तौर पर 0.5% से 1% का जुर्माना लगाते हैं और उतनी अवधि की कम दर देते हैं।
ध्यान दें: ये नतीजे योजना बनाने के लिए अनुमान हैं, वित्तीय या टैक्स सलाह नहीं। अंतिम आँकड़े बैंक के सैंक्शन लेटर और लोन एग्रीमेंट में होते हैं; बड़े फ़ैसले से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या SEBI में पंजीकृत सलाहकार से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
FD पर ब्याज कैसे गिना जाता है?
ज़्यादातर बैंक क्यूम्युलेटिव FD पर ब्याज हर तिमाही जोड़ते हैं: A = P × (1 + r/4)4t। ₹1 लाख पर 7% सालाना से 1 साल में लगभग ₹7,186 ब्याज मिलता है।
FD में दिखने वाली “annualised yield” क्या है?
यह तिमाही कंपाउंडिंग के बाद असल सालाना कमाई है, इसलिए यह बताई गई दर से थोड़ी ज़्यादा होती है। 7% दर पर तिमाही कंपाउंडिंग की यील्ड लगभग 7.19% है।
क्या FD का ब्याज टैक्स-फ़्री है?
नहीं। FD का ब्याज आपकी आय में जुड़कर स्लैब दर से टैक्स होता है, भले ही बैंक ने TDS काटा हो या नहीं। ITR भरते समय इसे ज़रूर दिखाएँ।
FD में पैसा कितना सुरक्षित है?
DICGC हर बैंक में हर जमाकर्ता की ₹5 लाख तक की कुल जमा का बीमा करता है। बड़ी रकम हो तो अलग-अलग बैंकों में बाँटना समझदारी है।
आख़िरी अपडेट: 8 अक्टूबर 2026