साधारण ब्याज का फ़ॉर्मूला
स्कूल में सीखा फ़ॉर्मूला ही है:
साधारण ब्याज (SI) = मूलधन × दर × समय ÷ 100, यानी SI = P × R × T ÷ 100
जहाँ P मूलधन (उधार दी या ली गई रकम), R सालाना ब्याज दर (% में) और T समय (सालों में) है। कुल रकम (मिश्रधन) = मूलधन + ब्याज।
समय महीनों में हो तो 12 से भाग दें, दिनों में हो तो 365 से। कैलकुलेटर यह अपने-आप करता है।
उदाहरण
- ₹1,00,000 पर 8% सालाना, 3 साल: 1,00,000 × 8 × 3 ÷ 100 = ₹24,000 ब्याज, कुल ₹1,24,000।
- ₹50,000 पर 12% सालाना, 9 महीने: 50,000 × 12 × 9 ÷ (100 × 12) = ₹4,500।
- ₹20,000 पर 10% सालाना, 73 दिन: 20,000 × 10 × 73 ÷ (100 × 365) = ₹400।
“रुपया सैकड़ा” वाली दर को समझें
गाँव-क़स्बों में, साहूकारों और आपसी उधार में ब्याज अक्सर “इतने रुपये सैकड़ा” में बताया जाता है – यानी हर ₹100 पर हर महीने इतने रुपये। सुनने में यह कम लगता है, पर सालाना दर 12 गुना होती है:
| बोलचाल में | मासिक दर | सालाना दर | ₹1 लाख पर 1 साल का ब्याज |
|---|---|---|---|
| 1 रुपया सैकड़ा | 1% | 12% | ₹12,000 |
| 1.5 रुपया सैकड़ा | 1.5% | 18% | ₹18,000 |
| 2 रुपया सैकड़ा | 2% | 24% | ₹24,000 |
| 3 रुपया सैकड़ा | 3% | 36% | ₹36,000 |
2 रुपया सैकड़ा का मतलब 24% सालाना है – किसी भी बैंक लोन से कहीं महँगा। कैलकुलेटर में सालाना दर डालें, यानी सैकड़ा दर × 12।
साधारण बनाम चक्रवृद्धि ब्याज
साधारण ब्याज हर साल सिर्फ़ मूलधन पर लगता है, इसलिए वह सीधी रेखा में बढ़ता है। चक्रवृद्धि ब्याज में पिछला ब्याज भी मूलधन में जुड़ता है। ₹1 लाख पर 8% सालाना:
| साल | साधारण ब्याज | चक्रवृद्धि ब्याज (सालाना) | फ़र्क़ |
|---|---|---|---|
| 1 | ₹8,000 | ₹8,000 | ₹0 |
| 3 | ₹24,000 | ₹25,971 | ₹1,971 |
| 5 | ₹40,000 | ₹46,933 | ₹6,933 |
| 10 | ₹80,000 | ₹1,15,892 | ₹35,892 |
| 20 | ₹1,60,000 | ₹3,66,096 | ₹2,06,096 |
छोटी अवधि में फ़र्क़ मामूली है, पर 20 साल में चक्रवृद्धि ब्याज साधारण ब्याज से दोगुने से भी ज़्यादा हो जाता है। लंबी अवधि की बचत के लिए चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर देखें।
साधारण ब्याज कहाँ लगता है
- आपसी उधार, साहूकारी और कुछ गोल्ड लोन (जिनमें ब्याज मासिक भरना होता है)।
- कम अवधि की कुछ FD और नॉन-क्यूम्युलेटिव FD, जिनमें ब्याज हर तिमाही खाते में आ जाता है।
- कई सरकारी बचत योजनाओं में, जहाँ ब्याज समय-समय पर ख़ाते में भेजा जाता है।
EMI वाले लोन साधारण ब्याज पर नहीं, रिड्यूसिंग बैलेंस पर चलते हैं – उनके लिए लोन EMI कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
ध्यान दें: ये नतीजे योजना बनाने के लिए अनुमान हैं, वित्तीय या टैक्स सलाह नहीं। अंतिम आँकड़े बैंक के सैंक्शन लेटर और लोन एग्रीमेंट में होते हैं; बड़े फ़ैसले से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या SEBI में पंजीकृत सलाहकार से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
साधारण ब्याज कैसे निकालते हैं?
मूलधन × दर × समय ÷ 100। ₹10,000 पर 6% सालाना 2 साल का ब्याज = 10,000 × 6 × 2 ÷ 100 = ₹1,200।
2 रुपया सैकड़ा का मतलब कितने प्रतिशत?
हर ₹100 पर हर महीने ₹2, यानी 2% मासिक या 24% सालाना। ₹50,000 पर एक साल का ब्याज ₹12,000 बनता है।
मिश्रधन क्या होता है?
मूलधन और ब्याज का जोड़। ₹1,00,000 पर ₹24,000 ब्याज हो तो मिश्रधन ₹1,24,000 है। कैलकुलेटर में इसे “कुल रकम” लिखा है।
दर या समय कैसे निकालें अगर ब्याज पता हो?
फ़ॉर्मूले को पलट दें: दर = ब्याज × 100 ÷ (मूलधन × समय), और समय = ब्याज × 100 ÷ (मूलधन × दर)। उदाहरण: ₹5,000 पर 2 साल में ₹800 ब्याज हुआ, तो दर = 800 × 100 ÷ 10,000 = 8%।
आख़िरी अपडेट: 8 अक्टूबर 2026