कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- अब तक के अंक: फ़ाइनल से पहले के सारे मूल्यांकन — यूनिट टेस्ट, मिड-सेमेस्टर, असाइनमेंट, प्रैक्टिकल — का कुल प्रतिशत।
- फ़ाइनल का वेटेज: कुल परिणाम में फ़ाइनल परीक्षा का हिस्सा। कई विश्वविद्यालयों में इंटरनल 30 और एंड-सेमेस्टर 70 अंक का होता है, तो वेटेज 70% लिखें। अपने सिलेबस या ऑर्डिनेंस में देखें।
- लक्ष्य: कुल कितने प्रतिशत चाहिए — पास होने के लिए, फ़र्स्ट डिवीज़न के लिए या किसी स्कॉलरशिप की शर्त के लिए।
फ़ॉर्मूला
कुल प्रतिशत = अब तक के अंक × (1 − वेटेज) + फ़ाइनल के अंक × वेटेज। इसे उलटकर:
फ़ाइनल में ज़रूरी अंक = (लक्ष्य − अब तक के अंक × (1 − वेटेज)) ÷ वेटेज
यहाँ वेटेज दशमलव में है: 70% = 0.70। अगर जवाब 100% से ज़्यादा आए, तो लक्ष्य अब संभव नहीं; अगर शून्य या ऋण आए, तो लक्ष्य पहले ही पक्का है।
हल किया हुआ उदाहरण
मान लीजिए किसी B.Com विषय में इंटरनल असेसमेंट 30% वेटेज का है और उसमें आपके 84% अंक हैं। एंड-सेमेस्टर परीक्षा 70% की है और आप कुल 75% (डिस्टिंक्शन) चाहते हैं:
- इंटरनल से मिलने वाला हिस्सा: 84 × 0.30 = 25.2 अंक।
- बाकी ज़रूरत: 75 − 25.2 = 49.8 अंक, जो 70% वेटेज वाली परीक्षा से आने हैं।
- फ़ाइनल में ज़रूरी: 49.8 ÷ 0.70 = 71.14%, यानी 70 में से लगभग 50 अंक।
अगर लक्ष्य सिर्फ़ फ़र्स्ट डिवीज़न (60%) हो, तो (60 − 25.2) ÷ 0.70 = 49.71% काफ़ी है।
ध्यान रखने वाली बातें
- अलग पासिंग मार्क्स: कई बोर्ड और विश्वविद्यालयों में थ्योरी और प्रैक्टिकल, या इंटरनल और एक्सटर्नल, में अलग-अलग न्यूनतम अंक ज़रूरी होते हैं। कुल प्रतिशत ठीक होने पर भी एक हिस्से में कम अंक से विषय में बैक आ सकती है।
- ग्रेस मार्क्स और मॉडरेशन: ये नियम संस्था पर निर्भर करते हैं, इसलिए इन पर भरोसा करके योजना न बनाएँ।
- CGPA वाले कोर्स: जहाँ परिणाम ग्रेड पॉइंट में मिलता है, वहाँ ग्रेड की सीमाएँ (जैसे 90% से ऊपर O या A+) जानकर उसी प्रतिशत को लक्ष्य बनाएँ।
किसी एक टेस्ट का प्रतिशत और ग्रेड निकालने के लिए अंक प्रतिशत और ग्रेड कैलकुलेटर, और सामान्य हिसाब के लिए प्रतिशत कैलकुलेटर देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पास होने के लिए फ़ाइनल में कितने अंक चाहिए?
लक्ष्य वाले ख़ाने में पासिंग प्रतिशत (जैसे 33% या 40%) लिखें। ध्यान रखें कि कई संस्थानों में फ़ाइनल परीक्षा में अलग से भी न्यूनतम अंक ज़रूरी होते हैं।
अगर ज़रूरी अंक 100% से ज़्यादा आएँ तो?
इसका मतलब है कि बाकी वेटेज में पूरे अंक लाकर भी लक्ष्य तक नहीं पहुँचा जा सकता। कैलकुलेटर बताता है कि अब ज़्यादा से ज़्यादा कितना कुल प्रतिशत संभव है।
वेटेज कैसे पता करें?
अपने कोर्स का सिलेबस, अंक योजना या विश्वविद्यालय का अध्यादेश देखें। अगर फ़ाइनल 100 में से 70 अंक का है और इंटरनल 30 का, तो फ़ाइनल का वेटेज 70% है।
क्या यह CBSE या स्टेट बोर्ड के लिए भी काम करता है?
हाँ, अगर आपको पता है कि अंतिम परिणाम में इंटरनल और बोर्ड परीक्षा का अनुपात क्या है। उदाहरण के लिए, किसी विषय में 20 अंक इंटरनल और 80 अंक बोर्ड परीक्षा के हों, तो वेटेज 80% लिखें।
आख़िरी अपडेट: 8 अक्टूबर 2026