ईद-उल-फ़ित्र 2027 कब है?
उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार ईद-उल-फ़ित्र मंगलवार, 9 मार्च 2027 को है, यानी 1448 हिजरी की 1 शव्वाल। भारत में ईद की तारीख़ रमज़ान की 29वीं शाम चाँद देखकर तय होती है। उस शाम चाँद दिख जाए तो वही "चाँद रात" होती है और अगले दिन ईद; न दिखे तो रमज़ान के 30 रोज़े पूरे होते हैं और ईद एक दिन बाद आती है। भारत में ईद अक्सर सऊदी अरब से एक दिन बाद मनाई जाती है, इसलिए अंतिम घोषणा अपने शहर की हिलाल कमेटी या इमाम से सुनें।
केंद्र सरकार की छुट्टियों की सूची में ईद-उल-फ़ित्र राजपत्रित छुट्टी है। सूची में पहले से एक तारीख़ दी जाती है, और चाँद के अनुसार ज़रूरत पड़ने पर सरकार छुट्टी की तारीख़ बदल देती है।
आने वाले वर्षों में ईद-उल-फ़ित्र
| हिजरी वर्ष | ईद-उल-फ़ित्र | वार | चाँद रात (शाम) |
|---|---|---|---|
| 1448 | 9 मार्च 2027 | मंगलवार | 8 मार्च |
| 1449 | 26 फ़रवरी 2028 | शनिवार | 25 फ़रवरी |
| 1450 | 14 फ़रवरी 2029 | बुधवार | 13 फ़रवरी |
| 1451 | 4 फ़रवरी 2030 | सोमवार | 3 फ़रवरी |
| 1452 | 24 जनवरी 2031 | शुक्रवार | 23 जनवरी |
| 1453 | 14 जनवरी 2032 | बुधवार | 13 जनवरी |
| 1454 | 2 जनवरी 2033 | रविवार | 1 जनवरी |
| 1455 | 23 दिसंबर 2033 | शुक्रवार | 22 दिसंबर |
इस्लामी साल ग्रेगोरियन साल से लगभग 11 दिन छोटा है, इसलिए ईद हर साल क़रीब 11 दिन पहले आती है। 2033 में ईद-उल-फ़ित्र दो बार पड़ेगी — जनवरी की शुरुआत में और फिर दिसंबर में।
ईद कैसे मनाई जाती है
ईद का दिन सुबह की ख़ास नमाज़ से शुरू होता है, जो ईदगाह या बड़ी मस्जिदों में अदा की जाती है। नमाज़ से पहले हर सक्षम मुसलमान को ज़कात-उल-फ़ित्र (फ़ितरा) देना होता है, ताकि ज़रूरतमंद परिवार भी ईद मना सकें। फ़ितरे की रक़म हर साल अनाज के दाम के हिसाब से उलेमा तय करते हैं।
नमाज़ के बाद लोग गले मिलकर "ईद मुबारक" कहते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और रिश्तेदारों व दोस्तों के घर जाते हैं। मीठी ईद नाम इसी दिन बनने वाली मिठाइयों से पड़ा है — भारत में सेवइयाँ और शीर ख़ुरमा इसकी पहचान हैं। बच्चों को बड़ों से ईदी मिलती है, और चाँद रात को बाज़ारों में मेहंदी, चूड़ियों और कपड़ों की देर रात तक ख़रीदारी होती है।
ईद की तैयारी
- घर का सफ़र: ईद के आसपास ट्रेनें और बसें भरी रहती हैं; तारीख़ एक दिन खिसक सकती है, इसलिए लचीला टिकट या एक दिन का अतिरिक्त समय रखें।
- बजट: कपड़े, ईदी, फ़ितरा और दावत का कुल ख़र्च पहले से लिख लें, और बचे हुए सप्ताहों में बाँट दें।
- दफ़्तर की छुट्टी: चाँद के कारण एक दिन का अंतर संभव है, इसलिए छुट्टी की अर्ज़ी में दोनों संभावित दिनों का ज़िक्र करना समझदारी है।
रोज़ों की शुरुआत के लिए रमज़ान काउंटडाउन और क़ुर्बानी की ईद के लिए बकरीद काउंटडाउन देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ईद 2027 कब है?
उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार ईद-उल-फ़ित्र मंगलवार, 9 मार्च 2027 को है। भारत में चाँद दिखने के अनुसार ईद एक दिन बाद भी हो सकती है; अंतिम घोषणा चाँद रात को होती है।
चाँद रात क्या होती है?
रमज़ान की वह आख़िरी शाम जब शव्वाल का नया चाँद दिखता है, चाँद रात कहलाती है। चाँद दिखते ही ईद की घोषणा हो जाती है और अगले दिन ईद मनाई जाती है।
ईद-उल-फ़ित्र और बकरीद में क्या अंतर है?
ईद-उल-फ़ित्र रमज़ान के रोज़े पूरे होने पर 1 शव्वाल को मनाई जाती है। बकरीद यानी ईद-उल-अज़हा लगभग 70 दिन बाद, 10 ज़िलहिज्जा को, हज के दिनों में क़ुर्बानी के साथ मनाई जाती है।
क्या ईद पर भारत में छुट्टी होती है?
हाँ, ईद-उल-फ़ित्र केंद्र सरकार की राजपत्रित छुट्टी है। चाँद के अनुसार तारीख़ बदलने पर सरकार छुट्टी का दिन भी बदल सकती है।
आख़िरी अपडेट: 8 अक्टूबर 2026